Ehsaas Alfazo me
गलतियाँ
गलतियाँ

गलतियाँ

ना समझ प्यार की थी

ना ही समझ थी अल्फाज-ए-मोहब्बत की

नासमझी मे कर गए कई गलतियाँ

जिसने समेट दी चादर एहसासो की

ना दूर कोई हुआ

ना पास कभी आ पाए

इक बह गया आसुँओ मे

दूसरे को वीराने से कौन लाए

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